प्यार में प्यारे, कितना भी सम्हाल,
चाल में उछाल, तो आ ही जाता है|
तेरे चेहरे से झलकती है खुशी,
बदला बदला सा है अंदाज़|
तेरी हेर बात लगती है प्यारी,
और हर अदा में है कुछ खास|
सुबह को रहता है तेरा इंतज़ार,
हो क्या गया है तुझको यार,
सबके मुह पर ये सवाल, तो आ ही जाता है|
जब ख़ुद से ज़्यादा हो जाए, प्यार पैर ऐतबार,
आईने में भी चेहरा उसी का, आए नज़र बार बार|
सजी हो महफिल, या किस्मत हो रुसवा,
पर आशिक को आशिकी का ख्याल, तो आ ही जाता है|
हवाए चलना भूल जाती हैं,
फूल करते है भवरो का इंतज़ार|
चाँद ताड़ता है अब चकोर को,
होने लगे बिन बदल बौछार|
असाधु भी करता है साधना, और बेसुरा भी राग गाता है,
हर किसी के हाल में कमाल, तो आ ही जाता है|